कल दिल्ली सरकार ने किसानो को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की दी मंजूरी, सुरक्षा के लिए होगी दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती

नए कृषि कानूनों की वापसी की मांगो को लेकर आज भी किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। इसी बीच अब दिल्ली सरकार ने धरना दे रहे किसानो को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की मंजूरी दे दी है।

कल दिल्ली सरकार ने किसानो को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की दी मंजूरी, सुरक्षा के लिए होगी दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती
कल दिल्ली सरकार ने किसानो को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की दी मंजूरी, सुरक्षा के लिए होगी दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती

(श्रद्धा उपाध्याय), नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों की वापसी की मांगो को लेकर आज भी किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। इसी बीच अब दिल्ली सरकार ने धरना दे रहे किसानो को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की मंजूरी दे दी है। इसके लिए दिल्ली सरकार द्वारा औपचारिक आदेश जारी किया गया है। जिसके बाद अब कल गुरुवार को किसान जंतर-मंतर पर पहुंचेंगे। इसके साथ ही किसानो को इस दौरान कोरोना के नियमो का भी पालन करना होगा। दिल्ली सरकार ने अपने आदेश में सभी किसानो को कुछ शर्तो के साथ धरना प्रदर्शन की इजाजत दी है। इस दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती रहेंगी।

बता दें दिल्ली में इस समय आपदा प्रबंधन कानून लागू है जिसके चलते हैं DDMA के दिशा निर्देश के तहत कोई जमावड़ा नहीं हो सकता. लेकिन किसानों के आंदोलन के लिए दिल्ली सरकार ने दिशा निर्देशों में संशोधन किया और इजाज़त दे दी। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) द्वारा किसानों को 22 जुलाई से 9 अगस्त तक सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है। और हर दिन ज्यादा से ज्यादा 200 किसानो को प्रदर्शन की अनुमति दी गयी है। वो भी कोरोना प्रोटोकॉल के साथ यह प्रदर्शन किया जा सकेगा।

सब संसद के मानसून सत्र के बीच दिल्ली पुलिस कल से 9 अगस्त तक 200 किसानो को हर रोज़ सिंघू बार्डर से संसद मार्च के लिए लेकर जाएगी। किसानों का कहना है कि अब किसान संसद के बाहर अपनी संसद का गठन करेंगे। जिसको लेकर मंगलवार को संयुक्त किसान यूनियन के नेता संसद मार्च की रणनीति बनाते नज़र आए। वही जो 200 किसान इस दौरान प्रदर्शन और मार्च करेंगे उनको पहचान-पत्र दिया जायेगा। वही इसी बीच किसानो ने एक खास बयान भी दिया है और कहा है मार्च के वक़्त अगर कही भी दिल्ली पुलिस हमे रोकती है तो हम अपनी गिरफ्तारी दे देंगे। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की 5-5 कंपनियां तैनात रहेंगी. सभी किसानों के ID Card चेक करने के बाद अंदर जाने दिया जाएगा. किसान शाम पांच बजे लौटेंगे।

आपको बता दें कृषि कानून वापिस लेने की मांग को लेकर अड़े किसानो और केंद्र सरकार के बीच 11 दौर की वार्ता हो चुकी है और इसके बावजूद अभी तक कोई हल नहीं निकला है। वही अब फिर एक बार केंद्र सरकार किसानो की मांग को लेकर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, किसान संगठन कभी भी चर्चा करने के लिए सहमत नहीं हुए, सिवाय कानूनों को निरस्त करने के.’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here