पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न मामले को सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया, कहा- साजिश से इनकार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस (CJI) रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में स्वत: संज्ञान पर शुरू की गई सुनवाई गुरुवार को बंद कर दी।

पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न मामले को सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया, कहा- साजिश से इनकार नहीं
पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न मामले को सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया, कहा- साजिश से इनकार नहीं

Ranjan gogoi case: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस (CJI) रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में स्वत: संज्ञान पर शुरू की गई सुनवाई गुरुवार को बंद कर दी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि इस मामले को दो साल गुजर चुके हैं और जस्टिस गोगोई को फंसाने की साजिश की जांच में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड हासिल करने की संभावना बहुत कम रह गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा इस मामले में गठित कमेटी द्वारा जो रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दी गई है, उसे सीलबंद लिफाफे में ही रखा जाए।

सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस ने पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर लगे यौन शोषण के आरोपों के पीछे साजिश होने का दावा किया था। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने उन्हें नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने बैंस को दायर शपथपत्र में दावों को स्पष्ट करने को कहा था। जस्टिस संजय किशन कौल, एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमणियन की बेंच ने इस मामले में 1 साल 9 महीने बाद सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पूर्व जस्टिस एके पटनायक की रिपोर्ट के आधार पर किया गया। उन्हें जस्टिस गोगोई के खिलाफ आरोपों में साजिश की जांच करने का काम सौंपा गया था।

अदालत ने कहा कि जस्टिस पटनायक की रिपोर्ट में साजिश को स्वीकार किया गया है और इसे खारिज नहीं किया जा सकता। रिपोर्ट में कहा गया है कि जस्टिस गोगोई के बतौर CJI रहते हुए लिए गए कुछ कड़े फैसले साजिश को बल देते हैं। इसमें एक इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट का हवाला भी है। इसमें बताया गया है कि असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को आगे बढ़ाने की वजह से कई लोग जस्टिस गोगोई से नाखुश थे।

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