कांग्रेस टूलकिट केस पर सुनवाई से SC का इंकार, कहा -‘ये सब राजनीतिक प्रोपेगैंडा का हिस्सा है’

'कांग्रेस टूलकिट' केस में जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है। साथ ही एक बयान भी दे दिया है। जिसमे कोर्ट ने कहा -'टूलकिट पसंद नहीं तो मत देखिए

कांग्रेस टूलकिट केस पर सुनवाई से SC का इंकार, कहा -'ये सब राजनीतिक प्रोपेगैंडा का हिस्सा है'
कांग्रेस टूलकिट केस पर सुनवाई से SC का इंकार, कहा -'ये सब राजनीतिक प्रोपेगैंडा का हिस्सा है'

(श्रद्धा उपाध्याय), नई दिल्ली: ‘कांग्रेस टूलकिट’ केस में जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है। साथ ही एक बयान भी दे दिया है। जिसमे कोर्ट ने कहा -‘टूलकिट पसंद नहीं तो मत देखिए, इसे नजरअंदाज कर दीजिए, ये सब राजनीतिक प्रोपेगैंडा का हिस्सा है’ साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि इस तरह की घटिया मामलों की सुनवाई में कोर्ट अपना वक़्त बर्बाद नहीं कर सकता है। याचिकाकर्ता हाईकोर्ट जा सकते हैं। याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले की जांच नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी NIA से करने की मांग की थी। और साथ ही कांग्रेस पर लगे आरोप सही मिलने पर उसका रजिस्ट्रेशन रद्द करने की भी मांग कोर्ट से उठायी गयी थी।

बता दें बीजेपी द्वारा पिछले महीने आरोप लगाया था कि कोरोना महामारी से निपटने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने के लिए कांग्रेस ने टूल किट बनाई है। उसी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी ,जिसकी सुनवाई से आज सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है। हालांकि कोर्ट की टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली। वही इस मामले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमनसिंह के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था।

बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा यह राजनीतिक प्रॉपगैंडा का मामला है तो फिर इसपर आर्टिकल 32 के तहत कैसे विचार किया जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील शशांक शेखर झा को इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जाने तक की सलाह दी है। वही अब वकील शशांक झा का कहना है कि झा का कहना है कि इस मामले की जांच आइपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) व अन्य धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धारा-13 के अंतर्गत होनी चाहिए।

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