आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, 4 प्रतिशत पर बरकरार, GDP में 10.5% की तेजी का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज समाप्त हो गई है. बजट पेश होने के बाद MPC की यह पहली बैठक थी.

आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, 4 प्रतिशत पर बरकरार, GDP में 10.5% की तेजी का अनुमान
आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, 4 प्रतिशत पर बरकरार, GDP में 10.5% की तेजी का अनुमान

(रिदम झा), RBI MPC Meet: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज समाप्त हो गई है. बजट पेश होने के बाद MPC की यह पहली बैठक थी. केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समिति द्वारा लिए गए फैसलों की घोषणा की. बैठक के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि कमेटी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है.

RBI की प्रमुख बातें
• भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, रेपो रेट 4% पर बरकरार हैं.
• रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया हैं.
• बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं, यह 4.25 फीसदी पर है.
• मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी (MSF) रेट भी 4.25 फीसदी पर है.
• वित्त वर्ष 2021-22 में देश की जीडीपी में 10.5 फीसदी की तेजी का अनुमान है, बजट में इसके 11 फीसदी होने का अनुमान लगाया गया था.
• आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति को सालाना महंगाई दर 31 मार्च 2021 तक 2 प्रतिशत घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत पर बरकरार रखने की जिम्मेदारी दी गयी है.
• वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में महंगाई दर 5.2 फीसदी तक रह सकती है.
• वित्त वर्ष 2021-22 में खुदरा महंगाई दर से जुड़े पूर्व के 5.8 फीसदी के अनुमान को संशोधित कर, 5.2 फीसदी से पांच फीसदी किया गया है.
• महंगाई दर छह फीसदी के टॉलरेंस लेवल के नीचे है.
• मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में कैपिसिटी यूटिलाइजेशन पहली तिमाही की तुलना में सुधार के साथ 63.3 फीसदी पर रही.
• FDI और FPI निवेश में बढ़ोतरी देखने को मिली है.
• बजट में हेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है.
• टीएलटीआरओ के जरिए बैंकों से एनबीएफसी के लिए फंड उपलब्ध होगा.
• खुदरा डायरेक्ट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा.
• खुदरा निवेशकों को G-Sec बाजार में सीधा एक्सेस मिलेगा.
• सहकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए एक्सपर्ट पैनल का गठन किया जाएगा.

डिजिटल पेमेंट सिस्टम के आउटसोर्सिंग के लिए आरबीआई दिशानिर्देश जारी करेगा.
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर दास की अगुवाई वाली छह सदस्यीय MPC की बैठक 3 फरवरी को शुरू हुई थी. इस तीन दिन की बैठक के बाद एमपीसी के फैसलों की आज घोषणा की गई. रिजर्व बैंक पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो रेट में कुल 1.15 फीसदी की कटौती कर चुका है लेकिन पिछली तीन बैठकों में भी रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘’रिजर्व बैंक सुनिश्चित करेगा कि सरकार का बाजार से उधार जुटाने का कार्यक्रम बिना व्यवधान के आगे बढ़े. साथ ही रिजर्व बैंक ने धीरे-धीरे 27 मार्च 2021 तक बैंकों के नकद आरक्षित अनुपात को 3.5 प्रतिशत पर वापस लाने का निर्णय लिया है.’’ दास ने बताया कि नकद आरक्षित अनुपात को 27 मई 2021 तक वापस 4 फीसदी पर लाया जाएगा. वहीं साल 2021-22 के लिए 10.5 प्रतिशक की दर से अर्थव्यव्सथा के विकास का अनुमान लगाया है. बता दें की रेपो रेट पर आरबीआई बैंकों को लघु अवधि का लोन देता है, जबकि रिवर्स रेपो रेट पर बैंक अपनी जमा धनराशि रिजर्व बैंक के पास जमा कराते हैं.

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