राकेश टिकैत ने बताया किसान आंदोलन कब तक चल सकता है

केंद्र सरकार (central government) के नए तीन कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (indian farmers union) की अगुवाई में चल रहे किसान आंदोलन (Farmers Protest) के इस साल दिसंबर तक चलने की संभावना है.

राकेश टिकैत ने बताया किसान आंदोलन कब तक चल सकता है
राकेश टिकैत ने बताया किसान आंदोलन कब तक चल सकता है

केंद्र सरकार (central government) के नए तीन कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (indian farmers union) की अगुवाई में चल रहे किसान आंदोलन (Farmers Protest) के इस साल दिसंबर तक चलने की संभावना है.

यह बात रविवार को भारतीय किसान यूनियन (indian farmers union) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कही. पश्चिम बंगाल (west bengal election 2021) का दौरा करने के बाद रविवार को प्रयागराज (Prayagraj) पहुंचे और यहां पहुंचने के बाद राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने झलवा में संवाददाताओं से कहा, “नवंबर-दिसंबर तक इस आंदोलन के चलने की उम्मीद है.” साथ ही पश्चिम बंगाल (West Bengal) में आगामी विधानसभा चुनाव के पूर्व अपने बंगाल दौरे के बारे में राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने बताया, “दिल्ली से सरकार के लोग पश्चिम बंगाल (West Bengal) में किसानों से एक मुट्ठी अनाज मांग रहे हैं. सतब ही हमने किसानों से कहा कि जब वे चावल दें तो अनाज मांगने वालों से कहें कि वे इस पर एमएसपी (MSP) भी तय करवा दें और 1850 रुपये का भाव दिला दें.”

आगे राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा, “कल हम बंगाल में थे. साथ ही हम पूरे देश में जा रहे हैं. हम किसानों से एमएसपी (MSP) का कानून बनवाने की मांग करने के लिए बोल रहे हैं. अभी बिहार में धान (चावल) 700-900 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदा गया. अब इस पर हमारी मांग है कि एमएसपी (MSP) का कानून बने और इससे नीचे पर खरीद ना हो.” इसके साथ ही राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा, “हम दिल्ली में ही रहेंगे. लेकिन इसके साथ ही हमारी पूरे देश में हमारी बैठकें चल रही हैं. हम 14 और 15 मार्च को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में रहेंगे फिर हम 17 मार्च को गंगानगर (Ganganagar) में और 18 तारीख को फिर गाजीपुर बार्डर (Ghazipur border) चले जाएंगे. इसके बाद 19 को ओडिशा (Odisha) में रहेंगे और 21-22 को कर्नाटक (Karnataka) में रहेंगे.”

राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि, “नए कानून से जो छोटे दुकानदार है वो खत्म हो जाएंगे.. और सिर्फ केवल दो मॉल रहेंगे. व्यापारी वर्ग खत्म होगा. लघु उद्योग खत्म हो जाएंगे. और वालमार्ट (walmart) जैसी कंपनियों के आने से जो साप्ताहिक बाजार है वो पूरी तरह खत्म हो जाएंगे. “

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