यूपी में जनसंख्या नियंत्रण कानून का मसौदा तैयार, दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरी और सरकारी योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ

यूपी सरकार अब राज्य में नया जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने को तैयार है। इस विधेयक का ड्राफ्ट भी बनकर तैयार है।

यूपी में जनसंख्या नियंत्रण कानून का मसौदा तैयार, दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरी और सरकारी योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ
यूपी में जनसंख्या नियंत्रण कानून का मसौदा तैयार, दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरी और सरकारी योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ

(श्रद्धा उपाध्याय), नई दिल्ली: यूपी सरकार अब राज्य में नया जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने को तैयार है। इस विधेयक का ड्राफ्ट भी बनकर तैयार है। वही 11 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस के मौके पर इस विधेयक की पॉलिसी यानि ‘टू चाइल्ड पॉलिसी’ की घोषणा हो सकती है। वही अभी बीते शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग द्वारा इस कानून का पहला ड्राफ्ट जारी किया गया था। जिसमे दो से ज्यादा बच्चों वाले माता- पिता को अब सरकारी सेवाओं से वंचित रखा जाने का प्रावधान होगा

तैयार ड्राफ्ट में ये बातें
जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए तैयार मसौदे में दो से अधिक बच्चे वालो को सरकारी नौकरी और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की सिफारिश की गई है। साथ ही जो इसका पालन नहीं करेंगे उनको सरकारी नौकरी में मिलने वाले भत्तों से भी वंचित करने का प्रावधान होने के साथ स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने और सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा राशन कार्ड में भी केवल चार लोगो की ही एंट्री की अनुमति नहीं होने के साथ उनको प्रमोशन और सरकारी सब्सिडी का भी लाभ नहीं मिल सकेगा।

सिंगल चाइल्ड पेरेंट्स को ये फायदा
सिंगल चाइल्ड पेरेंट्स अगर अपनी मर्जी से नसबंदी कराते है तो उनको चार अतिरिक्त वेतन वृद्धि और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा मुहैया होने के साथ मुफ्त बीमा की भी सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा बच्चे को 20 साल की उम्र तक फ्री शिक्षा का अधिकार प्राप्त होगा। आईआईएम और एम्स सहित सभी शिक्षण संस्थानों में भी सिंगल चाइल्ड पेरेंट्स को वरीयता दी जाएगी।

बता दें इस विषय पर अब राज्य विधि आयोग द्वारा ‘यूपी जनसंख्या नियंत्रण विधेयक, 2021’ के मसौदे पर 19 जुलाई तक आम लोगों से राय मांगी गई है। इस कानून का दूरगामी असर अब आगामी यूपी विधानसभा चुनावों पर देखने को मिल सकता है। बताया जा रहा है यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह विधेयक मुस्लिम आबादी को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। वही कानून के मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक, ये विधेयक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से एक साल बाद लागू होगा।

जानकारी के लिए बता दें ये कानून उन लोगों पर भी लागू नहीं होगा ,जिसने एक शादी करने के बाद दो बच्चों को गर्भ धारण से जन्म देने के बाद तीसरे को गोद लिया हो। या जिनके दो बच्चों में से तीसरा बच्चा विकलांग हो। वही यूपी में इस कानून का उद्देश्य विकास को बढ़ावा देना है। राज्य में सीमित संसाधनों के चलते इस तरह का फैसला लिया गया है। ताकि लोगो तक किफायती भोजन, सुरक्षित पेयजल, सभ्य आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आजीविका के साधन भलीभांति उपलब्ध हो सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here