पाकिस्तान को फिर मिला झटका, अमेरिका ने की आर्थिक मदद आधी

imran khan and donald trump
पाकिस्तान को फिर मिला झटका, अमेरिका ने की आर्थिक मदद आधी

(दिल्ली अनुराग चौहान) : अमेरिका ने पाकिस्तान को एक नया झटका दिया है अमेरिका ने ‘केरी लूगर बर्मन एक्ट’ के तहत दी जाने वाली आर्थिक मदद को काफी कम कर दिया है हम आपको बता दे की अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जानेवाली प्रस्तावित आर्थिक मदद में 44 करोड़ डॉलर की भारी कटौती करी है. दरसल अमेरिका पाकिस्तान को ‘केरी लूगर बर्मन एक्ट’ के तहत यह आर्थिक मदद देता है लेकिन अमेरिका के इस फैसले के बाद पाकिस्तान को दी जानेवाली आर्थिक मदद में भारी कटौती  हुई है इस फैसले के बाद पाकिस्तान को अमेरिका कि तरफ से 4.1 अरब डॉलर की धनराशि ही दी जाएगी.

Photo : imran khan & donald trump

* पाकिस्तान एन्हैंस पार्टनरशिप एग्रीमेंट (पेपा)

‘पाकिस्तान एन्हैंस पार्टनरशिप एग्रीमेंट’ (पेपा) यह वो एग्रीमेंट जिस के जरिए पाकिस्तान अमेरिका से यह आर्थिक मदद हासिल कर पाता है. यह एग्रीमेंट 2010 में जारी हुआ था एक पाकिस्तान न्यूज़ एजेंसी एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट कि माने तो, अमेरिका कि तरफ से आर्थिक मदद में कि गई में कटौती के फैसले के बारे में इस्लामाबाद ( पाकिस्तान ) को इमरान खान के अमेरिकी दौरे से तीन सप्ताह पहले ही आधिकारिक सूचना मिल गई थी.

* केरी लूगर बर्मन ऐक्ट

‘केरी लूगर बर्मन ऐक्ट’ इस ऐक्ट को अक्टूबर 2009 में अमेरिकी कांग्रेस ने पास किया था और सितंबर 2010 में इसे लागू करने के लिए ‘पाकिस्तान एन्हैंस पार्टनरशिप एग्रीमेंट’ (पेपा) पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस ऐक्ट के तहत अमेरिका पाकिस्तान को पांच साल की अवधि में 7.5 अरब डॉलर की आर्थिक मदद देगा. अब इस अधिनियम को लाएगा था पाकिस्तान की आर्थिक और संरचना में निवेश करने के लिए और साथ ही ऊर्जा और जल संकट को दूर करने के लिए.

जब अमेरिका के इस फैसले के बारे में पाकिस्तान से पूछा गया तो पाकिस्तानी अधिकारियों का कहा कि अमेरिका द्वारा दी जानेवाली आर्थिक मदद में कटौती केवल पाकिस्तान के लिए ही नहीं है बल्कि अमेरिका विकासशील देशों को दी जाने वाली मदद में कटौती की रणनीति का ही हिस्सा है. और अगर सूत्रों कि माने तो, 90 करोड़ डॉलर की बची हुई अमेरिकी मदद पाने के लिए पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह ही पेपा की समयसीमा बढ़ा दी थी.

 

आपको यह ख़बर कैसी लगी हमें कमेंट में लिख कर जरूर बताए और ऐसी ख़बरों के लिए जन सैलाब के साथ जुड़े रहे धन्यवाद.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here