हरियाणा की खट्टर सरकार के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, खट्टर सरकार के लिए आज परीक्षा का दिन

हरियाणा की राजनीति में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा को आज विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ सकता है.

हरियाणा की खट्टर सरकार के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, खट्टर सरकार के लिए आज परीक्षा का दिन
हरियाणा की खट्टर सरकार के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, खट्टर सरकार के लिए आज परीक्षा का दिन

हरियाणा की राजनीति में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा को आज विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ सकता है. दरसअल, कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष व किसानों का विरोध झेल रही हरियाणा बीजेपी की खट्टर सरकार के लिए आज विधानसभा में कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रही है। वही विपक्षी दल कांग्रेस (congress) का दावा है कि सरकार को समर्थन देने वाले दो निर्दलीय विधायकों ने अपना समर्थन वापस ले लिया है.

हालांकि, इस कदम को केंद्र सरकार के नए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार को शर्मिंदा करने की योजना के रूप में देखा जा रहा है. वहीं बीजेपी, जेजेपी और कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है। वहीं, दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के गठबंधन के साथ सरकार में मौजूद भाजपा का कहना है कि सरकार को कोई खतरा नहीं है. वही कांग्रेस के इस प्रस्ताव से जेजेपी पर दबाव देखा जा सकता है.

वही इस पर कांग्रेस का कहना है कि इससे सामने आ जाएगा कि कौन-कौन से विधायक किसानों का समर्थन नहीं करते. जेजेपी के विधायकों ने कबूल किया है कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में किसान उनका बहिष्कार कर रहे हैं अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में दो घंटे बहस के बाद हेडकाउंट के माध्यम से वोटिंग होगी। मालूम हो कि दोनों के दल के सदस्यों ने अपने सभी विधायकों को आज सदन में उपस्थित रहने को कहा है।

वैसे तो गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में है लेकिन किसान आंदोलन को लेकर जिस तरह से कांग्रेस पार्टी उग्र हुई है और वो लगातार निर्दलीय विधायकों पर दवाब बना रही है, ऐसे में आज सदन में क्रास वोटिंग होने के भी आसार दिख रहे हैं। बता दें कि हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं और वर्तमान में 88 सदस्य हैं। भाजपा के 40, जजपा के 10 और कांग्रेस के 30 सदस्य हैं। 7 निर्दलियों में से 5 सरकार के साथ हैं। इसके अलावा एक विधायक हरियाणा लोकहित पार्टी के हैं और वह भी सरकार के साथ हैं।

बता दे हरियाणा की गठबंधन सरकार का दावा है कि उसके साथ 55 विधायक हैं और उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। मालूम हो कि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में कुल 45 वोट होने चाहिए और 2 घंटे की चर्चा के बाद जो मतदान होगा और उसकी उसकी काउंटिग हेडकाउंट करके की जाएगी।

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