पंजाब की राजनीती का ऐतिहासिक दिन, अकाली दल और बसपा ने 25 साल बाद मिलाया हाथ, सीटों का बंटवारा भी हुआ तय

पंजाब की राजनीती में 2022 विधानसभा चुनावों से पहले काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। अभी हाल ही में प्रदेश की बड़ी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी से हाथ मिलाया है।

पंजाब की राजनीती का ऐतिहासिक दिन, अकाली दल और बसपा ने 25 साल बाद मिलाया हाथ, सीटों का बंटवारा भी हुआ तय
पंजाब की राजनीती का ऐतिहासिक दिन, अकाली दल और बसपा ने 25 साल बाद मिलाया हाथ, सीटों का बंटवारा भी हुआ तय

(श्रद्धा उपाध्याय), नई दिल्ली: पंजाब की राजनीती में 2022 विधानसभा चुनावों से पहले काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। अभी हाल ही में प्रदेश की बड़ी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी से हाथ मिलाया है। साथ ही किन सीटों पर चुनाव लड़ा जायेगा। उसका भी बंटवारा हो चुका है। इस बात का एलान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने किया है। उन्होंने इसे पंजाब की राजनीती का ऐतिहासिक दिन बताया है।

गौरतलब है कि इससे पहले ये दोनों दल 1996 के विधानसभा चुनाव में एक साथ चुनाव लड़े थे। और एक साल बाद अकाली दल ने साल 1997 में बीजेपी के साथ गठबंधन कर लिया था। यानि 25 साल बाद अकाली दल और बसपा ने हाथ मिलाया है। अब 2022 विधानसभा चुनावों में पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए सुखबीर सिंह बादल की शिरोमणी अकाली दल और मायावती की बहुजन समाज पार्टी साथ में चुनावी जंग में उतरेंगे। साथ ही शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने बसपा प्रमुख मायावती से फोन पर बात करके उन्हें बधाई दी।

वही सीटों के बंटवारे को लेकर अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल ने कहा – पंजाब की 117 सीटों में से बसपा पार्टी 20 सीटों पर और शिअद पार्टी बाकि बची 97 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वही सुखबीर सिंह बादल डिप्टी सीएम का पद SC केटेगरी में से चुनने का एलान कर चुके है। यानि चुनाव जीतने के बाद बसपा पार्टी में से ही कोई डिप्टी सीएम बनेगा।

इन 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी बसपा
वही 117 में से जिन 20 सीटों पर बसपा पार्टी चुनाव लड़ेगी उसका भी सुखबीर सिंह बादल ने एलान कर दिया है। इनमें करतारपुर, जालंधर पश्चिमी, जालंधर उत्तरी, फगवाड़ा, होशियारपुर, टांडा, दसूहा, श्री चमकौर साहिब, बस्सी पठाणा, महिल कलां, नवांशहर, लुधियाना नार्थ, पठानकोट, सुजानपुर, भोआ, श्री आनंदपुर साहिब, मोहाली, अमृतसर नार्थ, अमृतसर सेंट्रल और पायल विधानसभा हलके शामिल हैं।

वही बसपा नेता बसपा नेता सतीश मिश्रा ने कहा कि अकाली दल और बसपा की विचारधारा मिलती जुलती है। इन दोनों ही पार्टियों ने तीन कृषि कानूनों को लेकर राज्य सभा में विरोध किया था। इस बीच हरसिमरत बादल ने किसानों के समर्थन में उतर कर अपने पद से इस्तीफ़ा तक दे दिया था। वही पंजाब के साथ उत्तर प्रदेश के किसानो का भी समर्थन करने का आश्वासन दिया था।

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