वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज किए ये 8 बड़े ऐलान, कोरोना प्रभावित सेक्टर से लेकर छोटे कारोबारी और ट्रेवल-टूरिज्म तक को मिलेगा फायदा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी की। जिसमे उन्होंने 8 बड़े आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज किए ये 8 बड़े ऐलान, कोरोना प्रभावित सेक्टर से लेकर छोटे कारोबारी और ट्रेवल-टूरिज्म तक को मिलेगा फायदा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज किए ये 8 बड़े ऐलान, कोरोना प्रभावित सेक्टर से लेकर छोटे कारोबारी और ट्रेवल-टूरिज्म तक को मिलेगा फायदा

(श्रद्धा उपाध्याय), नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी की। जिसमे उन्होंने 8 बड़े आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की है। इसमें कोविड, हेल्थ, कृषि, पर्यटन समेत कई सेक्टर्स शामिल है। इन आठ पैकेज में से 4 उपाय बिल्कुल नए हैं। इसमें हेल्थ से जुड़ा एक नया राहत पैकेज भी शामिल है। वही कोरोना माहमारी में बिगड़ी अर्थव्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखते हुए एलान किया गया है। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम पहले ही इन आर्थिक पैकेजों की घोषणा को लेकर संकेत दे चुके थे।

बता दें मार्च 2020 से कोरोना महामारी की शुरुआत हुई है। उसी वक़्त से वित्त मंत्रालय और केंद्रीय रिजर्व बैंक द्वारा कई आर्थिक पैकेज की घोषणा हुई है। वही आज सोमवार को 3 बजे वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर इन आर्थिक राहत पैकेजों की घोषणा की है। इस दौरान उनके साथ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। कोविड प्रभावित क्षेत्रों के लिए सरकार ने 1.1 लाख करोड़ रुपये का फंड क्रेडिट गारंटी योजना जारी किया है। 8 महानगरों को छोड़ बाकि अन्य शहरो में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (medical infrastructure) के लिए सरकार 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके तहत सरकार कम ब्याज दर पर लोन देगी। इसमें 100 करोड़ रूपये के अधिकतम लोन के साथ इसपर सरकार की गारंटी भी होगी।

वित्त मंत्री ने किये ये बड़े एलान

– कोविड प्रभावित सेक्टरों के लिए 1.1 लाख करोड़ की लोन गारंटी दी जाएगी। इस स्कीम में 50,000 करोड़ हेल्थ सेक्टर और बाकी 60,000 करोड़ अन्य सेक्टरों के लिए आवंटित किया जायेगा।

– ECLGS 1.0, 2.0, 3.0 में अब तक 2.69 लाख करोड़ रुपए का वितरण हो चुका है। सबसे पहले इस स्कीम में 3 लाख करोड़ रुपए का एलान किया गया था। वही इस स्कीम में 1.5 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए जायेगे। यानि अब इस स्कीम का कुल दायरा 4.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

– पब्लिक हेल्थ सिस्टम, खास कर बच्चों की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 23,220 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

– क्रेडिट गारंटी स्कीम के अंतर्गत छोटे कारोबारियों को फायदा मिलेगा। अब वो इंडिविजुअल एनबीएफसी माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट से 1.25 लाख तक का लोन ले सकेंगे। इस लोन की समय-सीमा 3 साल रखी गई है। जिसकी गारंटी सरकार की होगी। इस स्कीम से करीब 25 लाख लोग फायदा उठा पाएंगे।

– टूरिज्म सेक्टर में बड़ी घोषणा करते हुए इसके तहत 11,000 से ज्यादा रजिस्टर्ड टूरिस्ट गाइड्स, ट्रैवल और टूरिज्म के स्टेकहोल्डर्ड को आर्थिक सहायता मिलेगी। एप्रूव्ड गाइड्स को 1 लाख और ट्रैवल और टूरिज्म के स्टेकहोल्डर्स को 10 लाख तक का 100 प्रतिशत गारंटी से लोन मिलेगा। इसके साथ ही 5 लाख टूरिस्ट्स को फ्री टूरिस्ट वीजा मिलेगा। यह स्कीम 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी। इस स्कीम के तहत एक टूरिस्ट केवल एक ही बार इस स्कीम का लाभ ले पायेगा।

– पिछले साल कोरोना महामारी में हुए लॉकडाउन की वजह से आम आदमी से लेकर बड़े व्यापारियों तक को नुकसान झेलना पड़ा था। जिसके बाद अक्टूबर 2020 में आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लॉन्च की गई थी। अब इसी योजना को और आगे बढ़ाया जा रहा है। इस बात की जानकारी वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी। उन्होंने बताया आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को बढ़ाकर अब 31 मार्च 2022 तक किया जा रहा है। अबतक इस स्कीम के तहत करीब 21.42 लाख लाभार्थियों पर 902 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। जानकारी के लिए बता दें इस स्कीम में सरकार 15 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ का 12%-12% भुगतान करती है।

– वही देश के किसानो के लिए सरकार ने भी इस आर्थिक पैकेज में एलान किया है। जिसके अंतर्गत किसानों को 14,775 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी गई है। जिसमे 9125 करोड़ रुपये की सब्सिडी केवल डीएपी, 5650 करोड़ रुपए की सब्सिडी एनपीके, साल 2020-21 में रबी सीजन के लिए 432.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी। यानि कुल मिलाकर अबतक किसानों को 85,413 करोड़ रुपए सीधे जा चुके हैं।

– पिछले साल 26 मार्च 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत की गई थी। जिसके बाद दिवाली तक हर महीने गरीबो को 5 किलो राशन मुफ्त दिया जाता रहा। वही अब 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान फिर एक बार इस योजना को शुरू किया गया है। जिसमे देश की 80 करोड़ गरीब जनता को नवंबर 2021 महीने तक मुफ्त राशन दिया जायेगा। 2020-21 में इस स्कीम पर 1,33,972 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। और इस साल करीब 93,869 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यानि दोनों सालों को मिलाकर इस स्कीम पर करीब 2,27,841 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here