कृष‍ि कानूनों को डेढ़ साल के लिए रोकने के सरकार के प्रस्ताव को किसानों ने किया खारिज

कृषि कानून के मसले पर किसानों का आंदोलन जारी है. कृषि कानूनों (Farm laws) को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच गतिरोध दूर नहीं हो पा रहा है.

कृष‍ि कानूनों को डेढ़ साल के लिए रोकने के सरकार के प्रस्ताव को किसानों ने किया खारिज
कृष‍ि कानूनों को डेढ़ साल के लिए रोकने के सरकार के प्रस्ताव को किसानों ने किया खारिज
  • सरकार के प्रस्ताव को किसानों ने किया खारिज
  • कृष‍ि कानूनों को डेढ़ साल के लिए रोकने के सरकार के प्रस्ताव को किसानों ने किया खारिज

Kisan Aandolan: कृषि कानून के मसले पर किसानों का आंदोलन जारी है. कृषि कानूनों (Farm laws) को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच गतिरोध दूर नहीं हो पा रहा है. ऐसे में अब हर किसी की निगाहें 26 जनवरी पर है, क्योकि इस  दिन किसानों की ओर से ट्रैक्टर रैली निकालने की बात कही है.

लेकिन इसके साथ ही सरकार की ओर से बुधवार को कृषि कानूनों (Farm laws) को डेढ़ साल के लिए रोकने का प्रस्‍ताव किसानों के समक्ष रखा गया था लेकिन आंदोलन कर रहे किसानों ने इसे ठुकरा दिया है. दरसल, किसान कृषि कानूनों को रद्द करने से कम किसी बात के लिए तैयार ही नहीं हैं. वो चाहते है की सरकार इन कृषि कानूनों (Farm laws) को रद्द करे और इससे कम उन्हें कुछ मंजूर नहीं है.

दरसल, केंद्र सरकार ने किसानो के सामने प्रस्‍ताव रखा था केंद्र सरकार की ओर से रखे गए प्रस्‍ताव में कहा गया था कि वह एक विशेष समिति गठित करने को तैयार है जो तीनों नए कृषि कानूनों के साथ-साथ किसानों की सारी मांगों पर विचार करेगी. इसी के साथ केंद्र सरकार ने यह भी प्रस्ताव रखा था कि जब तक समिति समीक्षा पूरा नहीं कर लेती, तीनों नए कृषि कानूनों को डेढ़ साल तक स्थगित रखा जाएगा. लेकिन आंदोलन कर रहे किसानों ने इसे ठुकरा दिया है.

दरसल, संयुक्त किसान मोर्चा की आम सभा में केंद्र सरकार द्वारा कल बुधवार को रखे गए प्रस्ताव को गुरुवार को अस्वीकार कर दिया गया है.

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