चिराग पासवान LJP के अध्यक्ष पद से हटाए गए, सूरजभान सिंह को मिली कार्यकारी अध्यक्ष पद की नियुक्ति

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को आज उनके पद से हटा दिया गया है। जिसके बाद उनकी जगह सूरजभान को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

चिराग पासवान LJP के अध्यक्ष पद से हटाए गए, सूरजभान सिंह को मिली कार्यकारी अध्यक्ष पद की नियुक्ति
चिराग पासवान LJP के अध्यक्ष पद से हटाए गए, सूरजभान सिंह को मिली कार्यकारी अध्यक्ष पद की नियुक्ति

(श्रद्धा उपाध्याय), नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को आज उनके पद से हटा दिया गया है। जिसके बाद उनकी जगह सूरजभान को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सूरजभान ही पार्टी के नए अध्यक्ष पद का चुनाव कराएंगे। सूरजभान पार्टी के नए अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराएंगे। यह फैसला मंगलवार को संसदीय दल के नेता और चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस के घर पर हुई लोजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान लिया गया।

बता दें आने वाले पांच दिनों के अंदर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुला कर नए अध्यक्ष का चुनाव संपन्न होगा। इसके विषय में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष को निर्देश दे दिए गए है। लोजपा के 6 सांसदों में से पांच ने बगावत कर लोकसभा स्पीकर से इसकी गुजारिश की। जिसे स्वीकार करके ये फैसला लिया गया। और चिराग पासवान को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। इस खबर के सामने आने के बाद चिराग के समर्थकों ने पटना में एलजेपी दफ्तर के बाहर हंगामा खड़ा कर दिया। गुस्साए समर्थको ने सांसदों के पोस्टरों पर कालिख पोत दी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच मामला शांत कराया।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को जब चिराग पासवान दिल्ली में अपने चाचा पशुपति पारस के घर पहुंचे थे। तब उन्होंने ये प्रस्ताव रखा था कि उन्हें राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद से हटाया जाये उनकी मां रीना पासवान को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद पर नियुक्ति दी जाये। लेकिन चिराग के चाचा पशुपति के घर पहुंचने के करीब 20 मिनट बाद उनका गेट खोला गया था। इसके बाद भी करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद भी चिराग पासवान की चाचा पशुपति कुमार पारस से मुलाकात नहीं हो सकी। इस बात से साफ़ जाहिर हो जाता है कि पशुपति कुमार पारस चिराग को छोड़कर पार्टी के सभी पांच सांसदों का समर्थन होने के चलते इस वक्‍त उनको अपना पड़ला भारी लग रहा है। चिराग के चचेरे भाई प्रिंस राज भी फिलहाल चाचा पारस के साथ हैं। ऐसे में चिराग पार्टी में बिल्‍कुल अकेले पड़ गए हैं। और इस बात का जिक्र पारस ने पार्टी एक अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद ट्वीट कर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी।

चिराग पासवान ट्वीट
उन्होंने ट्वीट कर लिखा -“पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिए मैंने बहुत कोशिश किया, लेकिन मैं असफल रहा, पार्टी हमारी मां के समान होती है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए,लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है. पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं. एक पुराना पत्र साझा करता हूं.”

गौरतलब है लोजपा के छह सांसदों में से पांच ने, दल के मुखिया चिराग पासवान को संसद के निचले सदन में पार्टी के नेता के पद से हटाने के लिए हाथ मिला लिया है और उनकी जगह उनके चाचा पशुपति कुमार पारस को इस पद पर नियुक्त करने का फैसला ले लिया है। जिसके बाद रविवार की रात में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र सौंपा गया। और सोमवार को अध्यक्ष द्वारा उन्हें मान्यता दे दी गई। साथ ही लोजपा के पांच सांसदों ने महबूब अली कैसर को उपनेता चुना। चिराग पासवान खुद बिहार के जमुई से सांसद है। वही अब पशुपति पारस या एलजेपी के अन्य नेताओं को मोदी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार में जगह मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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