LJP में जारी संघर्ष के बीच, चिराग पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर खोले कई राज, कहा -“मैं शेर का बेटा हूँ, लंबी लड़ाई के लिए तैयार, कुछ लोगो ने पार्टी तोड़ने की कोशिश की”

चिराग पासवान को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पार्टी नेताओ में जंग जारी है। वही चाचा-भतीजे के बीच भी घमासान देखने को मिल रहा है।

LJP में जारी संघर्ष के बीच, चिराग पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर खोले कई राज, कहा -
LJP में जारी संघर्ष के बीच, चिराग पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर खोले कई राज, कहा -"मैं शेर का बेटा हूँ, लंबी लड़ाई के लिए तैयार, कुछ लोगो ने पार्टी तोड़ने की कोशिश की"

(श्रद्धा उपाध्याय), नई दिल्ली: चिराग पासवान को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पार्टी नेताओ में जंग जारी है। वही चाचा-भतीजे के बीच भी घमासान देखने को मिल रहा है। इसी बीच चिराग पासवान ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उसमे अपना पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कई बड़े खुलासे भी किये। और पार्टी के लोगो पर काफी आरोप भी लगाए। साथ ही उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे जेडीयू का हाथ होने के भी संकेत दिए है। दरअसल, एलजेपी के छह सांसदों में पांच सांसदों ने बगावत कर चिराग की जगह पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) को संसदीय दल का नया नेता नियुक्त किया है।

आज बुधवार को दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिराग पासवान ने कहा – मैं एक शेर बेटा हूँ, और मैं अब लंबी जंग के लिए तैयार हूँ, मुझे टाइफाइड हुआ था जिसे ठीक होने में करीब 40 दिन लगे। और उसी दौरान ये साजिश रची गई। मैंने बात करना चाही और होली के दिन भी मेरे साथ कोई भी नही था। मेरे साथ पार्टी के लोगो ने जो किया वो बिलकुल ठीक नहीं है। चिराग ने बताया जब मेरे पिता (रामविलास पासवान) अस्पताल में भर्ती थे तब कुछ लोगों ने पार्टी को तोड़ने की कोशिश की थी। और इस विषय में मेरे पिता ने चाचा पशुपति कुमार पारस और पार्टी के अन्य नेताओ से बात भी की थी। लेकिन कुछ लोग उस संघर्ष के लिए तैयार नहीं थे जो उन्होंने किया था।

खुद को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर चिराग ने बताया मुझे सुनने में आया कि मुझे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। लेकिन पार्टी संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष को उसी स्थिति में हटाया जा सकता है जब या तो उसकी मृत्यु हो जाए या वह इस्तीफा दे दे। ऐसी स्थिति में उसको पद से हटाया जा सकता है। वही मेरी तबियत खराब के वक़्त पार्टी के सभी लोगो ने मिलकर साजिश रची है। उस दौरान मैंने चाचा से बात करने की कोशिश भी की लेकिन नहीं हो पाई। चिराग ने कहा मैं अपने पिता की मृत्यु के बाद अनाथ नहीं हुआ था। लेकिन आज मैं चाचा के ऐसा करने के बाद अनाथ हो गया हूँ।

आगे चिराग ने कहा पार्टी में चल रही उठा पटक में जेडीयू का हाथ लग रहा है। जेडीयू की हमेशा से बांटो और शासन करो की नीति रही है। ये पार्टी बहुत मेहनत से बनाई गई है। मैं इसे किसी भी हाल में ऐसे बर्बाद नहीं होने दूंगा। वही चिराग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साफ संकेत दिया कि वे लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के पूरे विचार में हैं, उन्होंने ये साफ किया कि किसी को भी पद से हटाने का अधिकार पारस के पास नहीं हैं।

बता दें कि मंगलवार को लोजपा की राष्ट्रीय कार्य समिति की एक आपातकालीन बैठक के दौरान चिराग पासवान को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटाने के साथ उन्हें पार्टी के संसदीय दल के नेता पद से भी हटा दिया गया था। जिसके बाद लोकसभा में पार्टी की कमान चिराग पासवान के चाचा पशुपति को सौंपी गई है।

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