कृषि कानून: दिल्ली-यूपी बार्डर पर भारी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती,प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने की कोशिश

गाजीपुर (Ghazipur) में दिल्ली-उत्तर प्रदेश (Delhi-Uttar Pradesh border )की सीमा पर कल रात एक तनावपूर्ण स्थिति बानी रही

कृषि कानून: दिल्ली-यूपी बार्डर पर भारी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती,प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने की कोशिश की
कृषि कानून: दिल्ली-यूपी बार्डर पर भारी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती,प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने की कोशिश की

Kisan Rally Violence: गाजीपुर (Ghazipur) में दिल्ली-उत्तर प्रदेश (Delhi-Uttar Pradesh border )की सीमा पर कल रात एक तनावपूर्ण स्थिति बानी रही, दरसल, नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए डटे किसानों से विरोध प्रदर्शन को खत्‍म करने और रास्‍ता खाली करने को कहा गया. जिसके कारण लगभग आधी रात तक भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों कानूनों को हटाने की कोशिश की, सूत्रों के अनुसार, आदेश देने वाले गाजियाबाद प्रशासन की योजना गुरुवार रात तक रास्‍ते को खाली करने की थी.

लेकिन किसानों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन को खत्‍म करने से इनकार कर दिया। वही किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने ऐलान किया वे गोलियां का सामना करने के लिए तैयार हैं और ऐसे ही धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। कल शाम, उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस को तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने का आदेश दिया है.

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कल देर शाम, गाजीपुर सीमा पर सुरक्षाकर्मियों का एक बड़ा दल इकट्ठा हो गया, जिसने प्रदर्शनकारियों को पूरी रात हटाने की कोशिश की, इनमें 300 सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) के जवान, और प्रांतीय सशस्त्र सीमा बल के 600 सैनिक और 1,000 पुलिस कर्मी शामिल थे। 
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वही राकेश टिकैत भावुक होते हुए दिखाई दिए इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की “हम यहा से नहीं हिलेंगे। सरकार किसानों को फंसा रही है, जारी रहेगा धरना प्रदर्शन, और कहा की नहीं दूंगा गिरफ्तारी” उन्होंने आगे कहा की “वे किसानों को नष्ट करना चाहते हैं, हम ऐसा नहीं होने देंगे। या तो कानूनों को वापस ले लिया जाएगा, या जबरदस्ती करने पर खुद को लगा लूंगा फांसी। यह किसानों के खिलाफ एक साजिश है …”
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राकेश टिकैत की तरफ से कही गई बातो के बाद किसानों की भीड़ फिर एक बार गाजीपुर लौट गई। और राकेश टिकैत द्वारा “महापंचायत” में भाग लेने के लिए गाजीपुर लौट आई।
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आज सुबह, राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के पूर्व केंद्रीय मंत्री अजीत सिंह ने BKU से बात की और अपनी पार्टी का समर्थन बढ़ाया। अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी ने किसानों से कहा, “यह किसानों के लिए जीवन और मृत्यु का मामला है, लेकिन चिंता न करें। सभी को एकजुट रहना होगा।”

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