किसान आंदोलन में आया नया मोड़: सर्वदलीय बैठक में मोदी जी बोले- “सरकार किसानों से सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है” तो वही राकेश टिकैत बोले – “हम नहीं चाहते सरकार का सिर झुके, सरकार की कोई मजबूरी है तो बताये”

1 फरवरी को आम बजट पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बजट सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई। जिसमे पीएम ने कई बड़े बयान दिए।

किसान आंदोलन में आया नया मोड़: सर्वदलीय बैठक में मोदी जी बोले -
किसान आंदोलन में आया नया मोड़: सर्वदलीय बैठक में मोदी जी बोले - "सरकार किसानों से सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है" तो वही राकेश टिकैत बोले - "हम नहीं चाहते सरकार का सिर झुके, सरकार की कोई मजबूरी है तो बताये"

(श्रद्धा उपाध्याय), किसान आंदोलन में आया नया मोड़: 1 फरवरी को आम बजट पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बजट सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई। जिसमे पीएम ने कई बड़े बयान दिए। बैठक में मोदी जी ने किसान आंदोलन को लेकर अपने विचार व्यक्त किये। सूत्रों के मुताबिक मोदी ने कहा – कि सरकार किसानों से सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, साथ ही “सरकार हमेशा किसानों के साथ है” और “सरकार किसानों से केवल एक फोन कॉल की दूरी पर है.” वही पीएम ने कहा अभी भी कृषि मंत्री का किया वादा बरकरार है।

राकेश टिकैत का आया ये बयान

वही अब किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने प्रधानमंत्री मोदी के इन बयानों को सुनकर कहा है कि – ‘हम नहीं चाहते सरकार का सिर झुके, अगर सरकार की कोई मजबूरी है तो बताये’ अगर सरकार को कोई परेशानी है तो हमे मिलकर बताये। हम भी संसार में अपने देश का नाम खराब नहीं होने देना चाहते है। जिसके बाद अब फिर एक बार किसान आंदोलन में एक अन्य मोड़ आ गया है। जिसके बाद अब हो सकता है सरकार और किसानो के बीच फिर एक बार वार्ता होगी। जिसमे कुछ हल निकलने की उम्मीद की जा सकती है।

बता दें बजट सत्र की सर्वदलीय बैठक में आज कई विपक्षी पार्टियों के नेता शामिल हुए थे। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी समेत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी, संसदीय कार्यराज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल और वी मुरलीधरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। वही संसद का बजट सत्र (Budget Session 2021) शुक्रवार से शुरू हो चुका है। और 1 फरवरी को आम बजट (Union Budget 2021) पेश होना है । इस बार सरकार की कोशिश हैं कि बजट सत्र में पहले की तरह हंगामा खड़ा न हो। क्यूंकि पहले बजट सत्र में पहले दिन विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में जमकर हंगामा कर दिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here